हमारी सुबह-सुबह की दिनचर्या क्या होनी चाहिए?
हमारी सुबह-सुबह की दिनचर्या क्या होनी चाहिए?
सुबह उठकर टहले – बेहतर स्वास्थ्य के लिए व्यक्ति को सुबह ब्रह्मामुहूर्त में यानी प्रात: 4 से 5.30 के बीच उठ जाना चाहिए इससे कई जरुरी काम पूरे करने के लिए समय भी मिलेगा और शरीर को सुबह के स्वच्छ वातावरण का लाभ भी मिलेगा।
इसके अलावा रात में सोने से पहले ताम्बे के बर्तन में पानी भरकर रखें और सुबह उठकर उस पानी को पियें। इससे शरीर में ताजगी बनी रहेगी और शरीर ऊर्जावान रहेगा, सुबह अगर बेहतर होगी तो पूरा दिन अच्छा गुजरेगा।
स्नान – स्नान करने से शरीर की बाहरी गंदगी को दूर होती ही है साथ ही इससे शरीर में ताजगी आती है और रक्त संचार सुचारु रहता है और खून साफ़ होता है साथ ही भूख भी बढ़ती है।
स्नान के लिए हमेशा ताजे पानी का इस्तेमाल करें सर्दियों के मौसम में पानी थोड़ा गर्म कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें ज्यादा गर्म पानी इस्तेमाल ना करें वरना इससे त्वचा से सम्बंधित कई रोग हो सकते हैं।
भगवान में ध्यान – सुबह नहाने के बाद कुछ समय पूजा पाठ के लिए जरूर निकालें इससे मन शांत रहेगा और सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। पूजा करते समय अपना मन एकाग्रचित रखें और भक्ति में पूरा ध्यान लगाएं।
सुबह का नाश्ता – सुबह का नाश्ता जरूर करें और उसमे पौष्टिक तत्वों को शामिल करें, सुबह के नाश्ते में ताजे फल या जूस जरूर लें। इसके अलावा सुबह के नाश्ते में दूध, दलिया, फल, अंकुरित अनाज शामिल करें और ज्यादा फैट, कैलोरी और मसालेदार आहार का सेवन ना करें नहीं तो मोटापे की समस्या हो सकती है।
दोपहर का भोजन – दोपहर का भोजन करीब 1 बजे करें और ज्यादा ना खाएं वरना दिन भर आलस बना रहेगा। दोपहर के भोजन के बाद चाहें तो 20-30 मिनट के लिए थोड़ा आराम कर सकते हैं लेकिन ज्यादा समय तक नहीं।
भरपूर पानी पिएं – स्वस्थ शरीर के लिए पर्याप्त पानी बेहद जरूरी होता है, शरीर में पानी की कमी से कई तरह के रोग होने की सम्भावना बढ़ जाती है इसलिए पूरे दिन में भरपूर पानी पियें। दिन में कम से कम 8 गिलास ताजा पानी जरूर पियें।
रात को समय पर सोएं – बेहतर स्वास्थ्य के लिए भरपूर नींद बेहद आवश्यक है इसके लिए रात को जल्दी सोएं। बच्चों को रात में 8-10 घंटे की नींद लेनी चाहिए, वयस्कों को रात में करीब 7 घंटे सोना चाहिए जबकि वृद्ध व्यक्तियों के लिए करीब 5-6 घंटे की नींद पर्याप्त होती है।
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